Jaipur: 67वें वन्यजीव सप्ताह के दौरान उदयपुर के सज्जनगढ़ वन्यजीव अभयारण्य में ट्रैकिंग की गई. वाइल्डलाइफ वीक के तीसरे दिन सज्जनगढ़ वन्यजीव अभ्यारण में ट्रैकिंग (नेचर ट्रेल) में कॉलेज स्टूडेंट्स सहित करीब 40 के आसपास वन्यजीव एवं पर्यावरण प्रेमियों नें भाग लिया.नेचर ट्रेल को उप वन संरक्षक (वन्यजीव) अजीत उचोई नें हरी झंडी दिखा कर फ्लैग ऑफ किया. सभी प्रतिभागियों को 3 टीमों में विभाजित किया गया, जिसमें टीम 1 के टीम लीडर पूर्व डीएफओ प्रताप सिंह चुंडावत थे. टीम 2 के लीडर वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट अनिल रोजर्स थे.
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वहीं टीम 3 का नेतृत्व जूलॉजी डिपार्टमेंट के डॉ. विजय कुमार कोहली कर रहे थे. वन्य क्षेत्र में जाने से पहले तीनों टीम लीडर ने अपनी अपनी टीमों को ब्रीफ किया और जंगल में ट्रैकिंग किस तरह की जाती है, उसके बारे में बताया. टीम 2 के अनिल रोजर्स नें बताया कि एंट्री पॉइंट पर अंदर जाते ही लंगूर की अलार्म कॉल सुनाई दी, इसके बाद थोड़ा आगे जाने पर शिकार ओधी के पास पैंथर के पगमार्क नजर आ गए. वहीं करीब 20 प्रजातियों की तितलियां, कॉमन केस्ट्रल, व्हाइट बेलीड ड्रॉरोंगों, स्माल मिनिवेट, वाइट बेलीड मिनिवेट, शिकरा, इंडियन प्रेरेडाइस फ्लाई कैचर सहित कई पक्षी प्रजातियां देखे गए.
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टीम 3 को एक घायल जंगली खरगोश का बच्चा दिखा, जिसे रेस्क्यू कर वन विभाग की टीम को सौंपा गया. टीम 1 के प्रताप सिंह चुंडावत नें वन औषधीय पौधों के बारे में जानकारी दी, तीनों टीमों के साथ उप वन संरक्षक अजीत उचोई, रेंजर गोठवाल, 1 सहायक वनपाल व 2 महिला फारेस्ट गार्ड मौजूद थे. वाइल्डलाइफ रेस्क्यूअर धर्मेंद्र पनिगर ने सभी को सांपों के बारे में जानकारी दी.






