सबकी खबर , पैनी नज़र

November 5, 2026 9:53 pm

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युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए सभी विभाग मिलकर करेंगे कार्य – उपायुक्त

शिमला: 05 नवंबर 2026,
तम्बाकू मुक्त हिमाचल के लिए प्रदेशभर में चलेगा 60 दिवासिय विशेष अभियान
हिमाचल प्रदेश को तम्बाकू मुक्त बनाने तथा युवा पीढ़ी को तम्बाकू एवं निकोटीन की लत से बचाने के उद्देश्य से प्रदेश में 60 दिवसीय ‘तम्बाकू मुक्त युवा अभियान 4.0’ (Tobacco Free Youth Campaign 4.0) प्रभावी ढंग से संचालित किया जाएगा। इस अभियान के तहत प्रदेशभर में जन-जागरूकता गतिविधियों के साथ-साथ तम्बाकू नियंत्रण कानूनों को सख्ती से लागू करने, शिक्षण संस्थानों को तम्बाकू मुक्त बनाने तथा गांवों और शहरी क्षेत्रों में तम्बाकू सेवन के विरुद्ध व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
इस सन्दर्भ में आज जिला स्तरीय समन्वयक समिति की बैठक आज यहाँ उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में जिला के सभी एसडीएम, बीडीओ, शहरी निकायों के प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 28 अक्तूबर, 2026 को शुरू किए गए इस राष्ट्रव्यापी अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों, किशोरों और युवाओं को तम्बाकू एवं निकोटीन की लत से बचाना, तम्बाकू सेवन की शुरुआत को रोकना तथा इसकी आदत से जूझ रहे लोगों को इसे छोड़ने के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाना है। अभियान को नशा मुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों के साथ भी जोड़ा जाएगा।
उपायुक्त ने कहा कि इस अभियान के तहत युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए सभी विभाग मिलकर कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि अभियान में हर एक अधिकारी की सहभागिता सुनिश्चित की जाये और इसके लिए एक रोस्टर तैयार किया जाए ताकि इन 60 दिनों के दौरान प्रतिदिन एकाधिक गतिविधियां आयोजित हो। हर एक दिन एक अधिकारी गतिविधि को आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध होगा। उन्होंने व्यापर मंडल को भी इस अभियान में शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो भी अधिकारी, कर्मचारी, एनजीओ बेहतर कार्य करेंगे उन्हें सम्मानित भी किया जायेगा।
जनभागीदारी से बनेगा तम्बाकू मुक्त हिमाचल
उपायुक्त ने कहा कि अभियान के तहत तम्बाकू नियंत्रण को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, शहरी विकास, महिला एवं बाल विकास, युवा सेवाएं एवं खेल, पर्यटन, परिवहन, जनजातीय विकास तथा सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग सहित सभी संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक विभाग में नोडल अधिकारी नियुक्त कर अभियान के तहत निर्धारित गतिविधियों की नियमित निगरानी और प्रगति रिपोर्ट सुनिश्चित की जाएगी।
शिक्षण संस्थानों को बनाया जाएगा तम्बाकू मुक्त
युवा पीढ़ी को तम्बाकू की बुरी आदत से बचाने के लिए सरकारी एवं निजी शिक्षण संस्थानों में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक तथा मेडिकल एवं अन्य व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में तम्बाकू मुक्त शिक्षण संस्थान (ToFEI) दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
शिक्षण संस्थानों में तम्बाकू मुक्त क्षेत्र के सूचना पट्ट लगाए जाएंगे तथा परिसर में तम्बाकू उत्पादों के सेवन और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाएगा। संस्थानों की बाहरी सीमा से 100 गज के दायरे में तम्बाकू उत्पादों की बिक्री पर भी सख्ती से रोक लगाई जाएगी। विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए निबंध, भाषण, नारा लेखन, पोस्टर मेकिंग, चित्रकला एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं के साथ-साथ जागरूकता रैलियां आयोजित की जाएंगी।
तम्बाकू उत्पादों की अवैध बिक्री पर कसेगा शिकंजा
अभियान के दौरान तम्बाकू नियंत्रण कानूनों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए राज्य, जिला एवं खंड स्तर पर गठित फ्लाइंग स्क्वॉड नियमित निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान चलाएंगे। अभियान अवधि के दौरान प्रत्येक स्तर पर कम से कम 10 प्रवर्तन अभियान आयोजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
हिमाचल प्रदेश तम्बाकू विक्रेता लाइसेंसिंग अधिनियम, 2016, सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA), 2003 तथा PECA, 2019 के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। खुले में सिगरेट एवं बीड़ी की बिक्री, अवैध एवं तस्करी के माध्यम से लाए गए सिगरेट उत्पादों, हुक्का बार तथा तम्बाकू उत्पादों के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष विज्ञापनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त शिक्षण संस्थानों और आंगनवाड़ी केंद्रों के 100 गज के दायरे में तम्बाकू उत्पादों की बिक्री रोकने के लिए विशेष निरीक्षण किए जाएंगे। गुटखा, खैनी एवं तम्बाकू और निकोटीन युक्त प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों की बिक्री पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
गांवों को तम्बाकू मुक्त बनाने में ग्राम सभाओं की होगी अहम भूमिका
ग्रामीण क्षेत्रों में तम्बाकू मुक्त गांव पहल को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए ग्राम सभाओं की बैठकों में तम्बाकू नियंत्रण को एजेंडे के रूप में शामिल किया जाएगा। पंचायत प्रतिनिधियों, महिला मंडलों, स्वयं सहायता समूहों, युवक मंडलों, किसानों, स्वयंसेवी संस्थाओं और स्थानीय समुदायों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा।
गांवों में नुक्कड़ नाटक, स्वास्थ्य वार्ताएं, प्रभात फेरियां, जनसभाएं, माइकिंग एवं दीवार लेखन के माध्यम से लोगों को तम्बाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा। ग्राम पंचायतों द्वारा प्रस्ताव पारित कर गांवों को तम्बाकू मुक्त घोषित करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।
सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थलों पर भी लागू होंगे नियम
अभियान के अंतर्गत सभी सरकारी कार्यालयों, कार्यस्थलों, अस्पतालों तथा अन्य सरकारी संस्थानों को तम्बाकू मुक्त परिसर बनाया जाएगा। प्रत्येक कार्यालय में तम्बाकू मुक्त परिसर के सूचना पट्ट लगाए जाएंगे तथा प्रवेश द्वार पर तम्बाकू उत्पादों को नष्ट करने के लिए निर्धारित डिस्पोजल बॉक्स की व्यवस्था की जाएगी।
सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ‘नो टोबैको’ शपथ दिलाई जाएगी। सरकारी परिसरों में तम्बाकू सेवन संबंधी निर्देशों का बार-बार उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध लागू सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकेगी।
बस अड्डों, बस स्टॉप, परिवहन परिसरों, पर्यटन स्थलों, होटलों, रेस्तरां, सार्वजनिक स्थलों एवं खेल परिसरों में भी धूम्रपान निषेध नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

युवाओं और सामाजिक संगठनों को बनाया जाएगा अभियान का हिस्सा*
अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, युवक मंडलों, खेल संगठनों, स्वयं सहायता समूहों तथा सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। मैराथन, साइक्लोथॉन, जागरूकता रैलियों, खेल गतिविधियों और सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को तम्बाकू मुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों, दूरदराज के गांवों तथा संवेदनशील आबादी तक जागरूकता गतिविधियां पहुंचाने पर बल दिया जाएगा। जनजातीय विद्यालयों, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों, छात्रावासों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों को भी अभियान के दायरे में लाया जाएगा।
सोशल मीडिया और जनसंचार माध्यमों से होगा व्यापक प्रचार प्रसार अभियान के संदेश को प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने के लिए समाचार पत्रों, टेलीविजन, रेडियो, सोशल मीडिया और अन्य जनसंचार माध्यमों का प्रभावी उपयोग किया जाएगा। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के माध्यम से जिला स्तर पर मीडिया समन्वय स्थापित कर अभियान की गतिविधियों, जागरूकता कार्यक्रमों और प्रवर्तन कार्रवाई का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाएगा। तम्बाकू मुक्त शिक्षण संस्थानों, गांवों तथा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले युवाओं की सफलता की कहानियों को भी प्रमुखता से प्रचारित किया जाएगा।
तम्बाकू छोड़ने के इच्छुक लोगों को मिलेगी सहायता
अभियान के तहत तम्बाकू की लत छोड़ने के इच्छुक लोगों को स्वास्थ्य विभाग के तम्बाकू नशा मुक्ति केंद्रों एवं संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से परामर्श और आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।
इसके लिए आमजन को विशेष रूप से यह संदेश दिया जाएगा—
*”तम्बाकू छोड़ो, जिंदगी चुनो!”*
तम्बाकू छोड़ने में सहायता प्राप्त करने के लिए नागरिक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-11-2356 पर संपर्क कर सकते हैं।
उपायुक्त ने अभियान के तहत सभी विभागों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने, नियमित निरीक्षण करने तथा अपनी गतिविधियों की दैनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से प्राप्त किया जा सके।
तम्बाकू मुक्त हिमाचल केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज और सुरक्षित भविष्य के निर्माण का सामूहिक संकल्प है। आज की युवा पीढ़ी को तम्बाकू की लत से बचाना ही आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य की सबसे बड़ी सुरक्षा है। इस दिशा में सरकार, प्रशासन, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
तम्बाकू को न’ कहने का दिलाया संकल्प
बैठक में उपायुक्त ने उपस्थित और ऑनलाइन जुड़े सभी अधिकारियों को ‘तम्बाकू को न’ कहने का संकल्प दिलाया और उनसे आवाहन किया कि और लोगों को भी तम्बाकू से दूर रहने के लिए प्रेरित करें ताकि समाज को प्रदेश को तम्बाकू मुक्त बनाया जा सके।
तम्बाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 में हिमाचल ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हुआ। अभियान के इंडीकेटर्स में 96 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किये हैं जिसके लिए प्रदेश को बेस्ट परफार्मिंग स्टेट के ख़िताब से जल्द सम्मानित किया जाएगा। उपायुक्त ने सभी को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और अभियान 4.0 में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त सचिन शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ यशपाल रांटा, जिला कार्यक्रम अधिकारी राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम डॉ राखी शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।