सबकी खबर , पैनी नज़र

September 14, 2026 8:42 pm

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युवाओं के नेतृत्व से होगा स्वस्थ एवं संवेदनशील समाज का निर्माणः राज्यपाल

शिमला 14 सितम्बर, 2026, एचपीएनएलयू में ‘स्वास्थ्य मंथन-2026’ का आयोजन
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने युवाओं का आह्वान किया कि वे समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने, समाज में व्याप्त भेदभाव को समाप्त करने तथा मानव सेवा की भावना को मजबूत करने में अग्रणी भूमिका निभाएं। राज्यपाल रविवार को हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचपीएनएलयू), शिमला में आयोजित ‘स्वास्थ्य मंथन-2026’ के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
एचपीएनएलयू की एनसीसी इकाई ने राज्य एवं जिला रेडक्रॉस सोसायटी, हिमाचल प्रदेश के संयुक्त तत्वाधान में स्वस्थ कल के लिए युवा नेतृत्व का सशक्तिकरण विषय पर इस मंथन कार्यक्रम का आयोजन किया था।
विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं और सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि कार्यक्रम की विषयवस्तु ‘स्वस्थ कल के लिए युवा नेतृत्व का सशक्तिकरण’ वर्तमान में अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि युवा न केवल देश का भविष्य हैं, बल्कि आज की सबसे बड़ी ताकत भी युवाओं में ही निहित है। एक स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए युवाओं में जागरूकता, संवेदनशीलता और सक्रिय भागीदारी जैसे गुणों का होना आवश्यक है।
राज्यपाल जो राज्य रेडक्रॉस के अध्यक्ष भी हैं ने कहा कि स्वास्थ्य केवल अस्पतालों और चिकित्सा उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका संबंध व्यक्ति की गरिमा, समानता, जागरूकता और सामाजिक न्याय से भी है। उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के प्रति व्याप्त भ्रांतियों और भेदभाव को समाप्त करने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि बीमारी के साथ-साथ अज्ञानता और सामाजिक कलंक जैसी बुराईयों के खिलाफ समाज को एकजुट होकर लड़ना होगा।
उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे प्रमाणिक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का प्रसार करें, मिथकों और भ्रांतियों को चुनौती दें तथा लोगों को आवश्यकता पड़ने पर उचित स्वास्थ्य सेवाएं और परामर्श लेने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि कानून केवल नियमों और प्रावधानों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह लोगों की गरिमा, समानता और अधिकारों की रक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और संवेदनशील समाज के निर्माण के लिए जनस्वास्थ्य, कानून और मनोविज्ञान का आपसी समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण है।
युवाओं से विभिन्न क्षेत्रों में अपने उत्तरदायित्व निभाने का आह्वान करते हुए राज्यपाल ने कहा कि नेतृत्व पद या अधिकार से परिभाषित नहीं होता बल्कि सच्चा नेतृत्व जिम्मेदारी और सेवा की भावना से परिभाषित होता है। उन्होंने युवाओं से ऐसे समाज के निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया, जहां लोग बिना किसी भय के सहायता प्राप्त कर सकें, मरीजों के साथ गरिमा एवं सम्मान के साथ व्यवहार हो, सही स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे और किसी भी व्यक्ति को उसकी स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर भेदभाव का सामना न करना पड़े।
राज्यपाल ने ‘स्वास्थ्य मंथन-2026’ के सफल आयोजन के लिए हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, यूथ रेडक्रॉस, राज्य एवं जिला रेडक्रॉस, एनसीसी, संकाय सदस्यों तथा आयोजन समिति को बधाई दी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि कार्यक्रम के दौरान हुए विचार-विमर्श से देशभर में स्वास्थ्य जागरूकता, युवा नेतृत्व और मानवीय सेवा के क्षेत्र में नई पहल को प्रेरणा मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने औपचारिक रूप से ‘स्वास्थ्य मंथन-2026’ के समापन की घोषणा की।
इससे पहले एचपीएनएलयू की कुलपति प्रो. प्रीति सक्सेना ने इस अवसर पर राज्यपाल का स्वागत किया।