सबकी खबर , पैनी नज़र

May 23, 2026 12:46 pm

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23 फरवरी को सभी पात्र बच्चों को कृमिनाशक दवा पिलाने का लक्ष्य: अतिरिक्त उपायुक्त

5 वर्ष तक के बच्चों को दी जाएगी विटामिन-ए की खुराक
1-19 वर्ष के बच्चों को दी जाएगी कृमिनाशक दवा

धर्मशाला, 18 फरवरी: अतिरिक्त उपायुक्त कांगड़ा विनय कुमार की अध्यक्षता में आज (बुधवार) उपायुक्त कार्यालय के एनआईसी कक्ष में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस एवं विटामिन-ए के संबंध में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. विवेक करोल, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आर.के. सूद, जिला पंचायत अधिकारी सचिन ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर 23 फरवरी को 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से उनके बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार के लिए कृमि नाशक दवा दी जाएगी, जबकि 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक प्रदान की जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि शिक्षा एवं जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए प्रत्येक बच्चे को इस अभियान के तहत कवर किया जाए।
उन्होंने बताया कि बच्चों के पेट में कीड़े होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे दूषित जल स्रोतों से पानी पीना, मिट्टी में खेलना और बिना हाथ धोए भोजन करना, सब्जियों को बिना धोए या छीले उपयोग करना अथवा असावधानी से पकाना। इस संक्रमण से एनीमिया, कुपोषण तथा बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास में बाधा उत्पन्न हो सकती है। इसलिए राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य संवर्धन के लिए विशेष प्रयास किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि पेट के कीड़ों से बचाव के लिए बच्चों के जीवन में कुछ व्यवहारिक बदलाव आवश्यक हैं। इसके संक्रमण को रोकने के लिए स्वच्छ शौचालयों का उपयोग करना, खुले में शौच न करना, हाथों की स्वच्छता बनाए रखना विशेषकर भोजन से पहले और शौचालय के उपयोग के बाद हाथ धोने, नंगे पांव न घूमना, फलों एवं सब्जियों को सुरक्षित एवं स्वच्छ पानी से धोना तथा अच्छी तरह पका हुआ भोजन करना जैसे व्यवहार बच्चों की दिनचर्या का हिस्सा बनने चाहिए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. विवेक करोल ने बताया कि विटामिन-ए की खुराक 5 वर्ष तक के बच्चों को आंखों की बीमारियों से बचाव के लिए दी जाती है, जबकि अल्बेंडाजोल की खुराक 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को दी जाती है। उन्होंने बताया कि जो बच्चे 23 फरवरी को दवा की खुराक नहीं ले पाएंगे, वे ‘माप-अप डे’ 28 फरवरी को दवा ले सकते हैं। उस दिन छूटे हुए बच्चों को अल्बेंडाजोल की खुराक भी दी जाएगी।