विकास परियोजनाओं के साथ किसानों के अधिकारों और हितों की रक्षा भी जरूरी : डॉ. अरविंद शर्मा
चंडीगढ़:पवन चोपड़ा,हरियाणा के सहकारिता, कारागार, पर्यटन, निर्वाचन एवं विरासत मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने रेवाड़ी-सोनीपत 400 केवी पावर ग्रिड हाईटेंशन लाइन से प्रभावित किसानों के मुआवजे से संबंधित मांगों को लेकर आज मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रभावित किसानों का मांगपत्र मुख्यमंत्री को सौंपते हुए उनकी समस्याओं से अवगत कराया और किसानों की जमीन का वास्तविक बाजार भाव के अनुरूप मूल्यांकन कर उचित एवं सम्मानजनक मुआवजा दिलाने का आग्रह किया।
डॉ. अरविंद शर्मा ने मुख्यमंत्री के समक्ष जाजी, मोहाना, गुहणा, भैंसवाल, बिलबिलाण और आंवली सहित विभिन्न गांवों के किसानों की मांगों को प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि हाईटेंशन लाइन से प्रभावित होने वाली कृषि भूमि के साथ-साथ किसानों की आजीविका और भविष्य पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखते हुए मुआवजे का निर्धारण किया जाना चाहिए। उन्होंने किसानों की चिंताओं पर संवेदनशीलता से विचार करते हुए न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
किसानों के हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता :
डॉ. शर्मा ने कहा कि किसान के लिए उसकी जमीन केवल खेती का साधन नहीं है, बल्कि यह उसके पुरखों की विरासत, जीवनभर की मेहनत और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का आधार है। इसलिए किसी भी विकास परियोजना के कारण यदि किसान की जमीन प्रभावित होती है, तो उसके आर्थिक हितों के साथ-साथ उसकी भावनाओं और आजीविका का भी पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए उन्होंने कहा कि बिजली और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाएं प्रदेश के विकास के लिए आवश्यक हैं, लेकिन विकास की प्रक्रिया में किसानों के अधिकारों और हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। किसानों को उनका जायज हक दिलाना उनकी प्राथमिकता है और वे इस विषय को लेकर लगातार किसानों के साथ खड़े हैं।
किसानों की आय बढ़ाने और आर्थिक सुरक्षा पर सरकार का विशेष जोर :
डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि लागत कम करने और किसानों को उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हरियाणा सरकार ने 24 फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की नीति अपनाई है। ऐसा करने वाला हरियाणा, देश का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’, ई-खरीद और भावांतर भरपाई जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है। सरकार का प्रयास है कि किसान को फसल की बुआई से लेकर मंडी में बिक्री और भुगतान तक हर स्तर पर सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में बाजरा उत्पादक किसानों के लिए भावांतर भरपाई योजना के माध्यम से 2,900 रुपये प्रति क्विंटल का मूल्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में फसल विविधीकरण, प्राकृतिक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों की खेती अपनाने वाले 1.59 लाख किसानों को 166 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है।
विकास और किसान हितों के बीच संतुलन जरूरी :
विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि सरकार की किसान हितैषी नीतियों का उद्देश्य केवल फसलों का उचित मूल्य सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि खेती और किसान परिवारों के भविष्य को भी सुरक्षित बनाना है। इसी भावना के साथ हाईटेंशन लाइन से प्रभावित किसानों की मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार विकास परियोजनाओं को गति देने के साथ-साथ प्रभावित किसानों के हितों का भी पूरा संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रभावित किसानों की मांगों पर उचित एवं संवेदनशीलता से विचार किया जाएगा और उन्हें न्यायसंगत मुआवजा दिलाने की दिशा में सकारात्मक कार्रवाई होगी।
डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि किसानों का दर्द हमारा अपना दर्द है। किसान परिवारों का हक, सम्मान और खुशहाली हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।








