सबकी खबर , पैनी नज़र

May 12, 2026 7:40 am

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पंचायती राज चुनाव टालने के लिए सुप्रीम कोर्ट में SLP दायर करना कांग्रेस की लोकतंत्र विरोधी मानसिकता का प्रमाण:रणधीर शर्मा

सुक्खू सरकार जनता के बीच जाने से घबरा रही है, संभावित हार के डर से चुनावों को लगातार टाल रही कांग्रेस : भाजपा विधायक

सोलन, भाजपा नेता एवं विधायक रणधीर शर्मा ने हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव टालने के लिए कांग्रेस सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई एसएलपी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। रणधीर शर्मा ने कहा कि इस एसएलपी से यह बिल्कुल स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस पार्टी पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव करवाना ही नहीं चाहती और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने का हर संभव प्रयास कर रही है।
रणधीर शर्मा ने कहा कि हमारे संविधान में स्पष्ट व्यवस्था है कि चाहे पंचायती राज संस्थाएं हों, शहरी निकाय हों, विधानसभा हो या लोकसभा—हर संस्था के चुनाव पांच वर्षों के भीतर अनिवार्य रूप से करवाना लोकतांत्रिक जिम्मेदारी है। लेकिन वर्तमान सुक्खू सरकार शुरू से ही इन चुनावों को टालने की साजिश कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने पहले चुनाव टालने के लिए संवैधानिक संस्था चुनाव आयोग से टकराव लिया, आयोग के निर्देशों की पालना नहीं की, अधिसूचनाओं को नजरअंदाज किया और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने का प्रयास किया।
रणधीर शर्मा ने कहा कि जब एक जनहित याचिका पर माननीय उच्च न्यायालय ने स्पष्ट निर्णय दिया कि 30 अप्रैल 2026 तक पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव करवाए जाएं, तब भी मुख्यमंत्री तानाशाही पूर्ण और चुनाव टालने वाली नीति की कड़े शब्दों में निंदा करती है और मांग करती है कि प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव तुरंत करवाए जाएं ताकि जनता को अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार मिल सके।