टकराव की जगह संवाद ने खोला समाधान का रास्ता, 11 से 13 अगस्त की प्रस्तावित हड़ताल स्थगित
चंडीगढ़:पवन चोपड़ा, हरियाणा में बिजली कर्मचारियों और इंजीनियर्स की 11 से 13 अगस्त तक प्रस्तावित हड़ताल शुरू होने से पहले ही स्थगित हो गई। इस पूरे घटनाक्रम में ऊर्जा मंत्री अनिल विज की करीब छह घंटे चली मैराथन बैठक को निर्णायक माना जा रहा है। कर्मचारी संगठनों के साथ लंबी और सकारात्मक बातचीत के बाद ऐसा रास्ता निकला। जिससे टकराव की स्थिति टल गई और प्रदेश को संभावित बिजली संकट से राहत मिली।
छह घंटे तक चली बातचीत, मुद्दों पर हुआ मंथन
बैठक में बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। विज ने कर्मचारी संगठनों की मांगों और आपत्तियों को विस्तार से सुना। बातचीत के दौरान विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ और सहमति का रास्ता तैयार किया गया।
इस घटनाक्रम की खास बात यह रही कि सरकार ने हड़ताल शुरू होने का इंतजार करने के बजाय उससे पहले ही बातचीत का रास्ता अपनाया। बिजली जैसी आवश्यक सेवा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पांच यूनियनों के संयुक्त मोर्चे के बावजूद बनी सहमति
बिजली क्षेत्र की पांच प्रमुख यूनियनों के साथ हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा तथा डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन भी आंदोलन से जुड़े थे। व्यापक कर्मचारी प्रतिनिधित्व के बावजूद बातचीत से हड़ताल स्थगित करवाना सरकार के लिए बड़ी चुनौती थी।
जनता को मिली सबसे बड़ी राहत
11 से 13 अगस्त तक हड़ताल होने की स्थिति में घरेलू उपभोक्ताओं के साथ उद्योग, व्यापार और कृषि क्षेत्र भी प्रभावित हो सकते थे। हड़ताल टलने से बिजली आपूर्ति पर संभावित असर से प्रदेशवासियों को तत्काल राहत मिली है।
सख्ती के साथ संवाद की शैली भी सामने आई
अनिल विज अपनी स्पष्टवादिता और प्रशासनिक सख्ती के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार संकट के समाधान में उनकी संवाद शैली प्रमुख रही। करीब छह घंटे तक चली बातचीत ने यह संदेश दिया कि कर्मचारी विवादों को आंदोलन में बदलने से पहले संवाद की मेज पर समाधान निकाला जा सकता है।
अब चुनौती बैठक में बनी सहमति को प्रभावी ढंग से लागू करने और सरकार-कर्मचारी संगठनों के बीच संवाद को आगे बढ़ाने की होगी। फिलहाल हड़ताल का सड़क पर उतरने से पहले बातचीत की मेज पर रुक जाना सरकार और आम जनता दोनों के लिए राहत की खबर है।
पिछले दिनों जब बिजली कर्मचारियों ने द्वारा अंबाला में प्रदेश सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन किया गया था। तब भी अनिल विज ने कर्मचारियों के बीच पहुंचकर उन्हें पूरा आश्वासन दिया था कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी। बिजली कर्मचारियों से पिछले लंबे से विज द्वारा किए गए सकारात्मक और भावनात्मक संवाद ने भी इस हड़ताल को टालने मे अहम रोल अदा किया है। अक्सर जब भी बिजली विभाग से संबंधित कर्मचारी ही नहीं उनके विभाग से संबंधित सभी यूनियन के पदाधिकारी से वे अक्सर समय-समय पर मिलते रहते हैं।










