सबकी खबर , पैनी नज़र

June 19, 2026 12:14 am

सबकी खबर, पैनी नज़र

सबकी खबर, पैनी नज़र

June 19, 2026 12:14 am

अंबेडकर जयंती पर मेरा युवा भारत शिमला एवं सरकारी आईटीआई शिमला द्वारा भव्य कार्यक्रम एवं पदयात्रा का आयोजन

शिमला, 14 अप्रैल – भारत के संविधान निर्माता, महान समाज सुधारक एवं दूरदर्शी विचारक भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के पावन अवसर पर सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), शिमला में *मेरा युवा भारत*, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में एक भव्य एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में बाबा साहेब के विचारों—समानता, सामाजिक न्याय, शिक्षा एवं संवैधानिक मूल्यों—के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उप-प्राचार्य श्री संजेश कुमार शर्मा उपस्थित रहे। इस अवसर पर लगभग 180 युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के स्वागत से हुआ, जिसमें *मेरा युवा भारत, शिमला* द्वारा उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित भाषण प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन संघर्ष, उनके द्वारा रचित भारतीय संविधान की महत्ता तथा सामाजिक समरसता के प्रति उनके योगदान पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने विशेष रूप से इस बात पर प्रकाश डाला कि बाबा साहेब ने शिक्षा को सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम माना और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए आजीवन संघर्ष किया। प्रतियोगिता में हिमानी ने प्रथम, साहिल ने द्वितीय तथा प्रिया ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
इसके उपरांत संस्थान परिसर से चौड़ा मैदान, शिमला तक एक जागरूकता पदयात्रा निकाली गई। इस पदयात्रा के माध्यम से युवाओं ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के आदर्शों—“शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो”—को जन-जन तक पहुँचाने का संदेश दिया। चौड़ा मैदान में स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा के समक्ष पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर का जीवन केवल एक प्रेरणा नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शन है, जो समाज में समानता, न्याय और मानवाधिकारों की स्थापना की दिशा में निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करते हुए एक समतामूलक एवं सशक्त भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।