सबकी खबर , पैनी नज़र

August 25, 2026 6:11 pm

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एम डब्ल्यू बी के प्रयासों से पत्रकार गगन सागर और एसएचओ सुरेंद्र सिद्धू के बीच मतभेद सुलझे

मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन की पहल लाई रंग
चंद्रशेखर धरणी ने प्रवीण अत्रे व एसपी चंद्र मोहन का जताया आभार

चंडीगढ़। पिहोवा के पत्रकार गगन सांगर और आदर्श थाना प्रभारी सुरेंद्र सिद्धू के बीच उत्पन्न हुए मतभेद को मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन की पहल से आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सुलझा लिया गया है। दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति को पत्रकारिता और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय की दिशा में सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर धरणी ने कहा कि एसोसिएशन का उद्देश्य किसी विवाद को बढ़ाना नहीं, बल्कि संवाद और आपसी समझ के माध्यम से उसका सम्मानजनक समाधान करवाना है। उन्होंने कहा कि पत्रकार और पुलिस समाज व्यवस्था के दो महत्वपूर्ण अंग हैं। पत्रकार जहां जनसमस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य करते हैं, वहीं पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाती है। ऐसे में दोनों के बीच बेहतर तालमेल और आपसी विश्वास बेहद जरूरी है।
धरणी ने बताया कि गगन सांगर और एसएचओ सुरेंद्र सिद्धू के बीच हुए मतभेद को लेकर मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रे से संपर्क किया था। प्रवीण अत्रे ने मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए पुलिस अधीक्षक कुरुक्षेत्र चंद्र मोहन से बातचीत कर मामले के समाधान की दिशा में पहल की।
उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन ने पूरे मामले को सूझबूझ और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ लेते हुए दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कराया। इसके परिणामस्वरूप आपसी सहमति से मामले का सम्मानजनक समाधान हो सका। उन्होंने इसे संगठन की उस सोच की सफलता बताया, जिसके तहत पत्रकारों और पुलिस के बीच किसी भी प्रकार के मतभेद को टकराव का रूप देने के बजाय बातचीत के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया जाता है।
चंद्रशेखर धरणी ने मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रे और पुलिस अधीक्षक कुरुक्षेत्र चंद्र मोहन का विशेष रूप से आभार जताया। उन्होंने कहा कि दोनों अधिकारियों ने मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन के आग्रह को गंभीरता से लेते हुए मामले को संवेदनशीलता के साथ संभाला और दोनों पक्षों की सहमति से समाधान का रास्ता निकाला। संगठन इसके लिए दोनों का हृदय से धन्यवाद करता है।
उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से यह संदेश भी जाता है कि पुलिस और पत्रकारों के बीच संवाद कायम रहे तो किसी भी मतभेद को बड़े विवाद में बदलने से रोका जा सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी पुलिस और मीडिया के बीच इसी प्रकार आपसी सम्मान, सहयोग और समन्वय बना रहेगा।
धरणी ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारिता को समाज का सजग प्रहरी माना जाता है, जबकि पुलिस कानून और व्यवस्था की प्रहरी है। दोनों का उद्देश्य समाज में शांति, सुरक्षा और जनहित को मजबूत करना है। इसलिए दोनों के बीच स्वस्थ संबंध न केवल पत्रकारों और पुलिस के हित में हैं, बल्कि आम जनता के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन भविष्य में भी पत्रकारों के हितों के साथ-साथ पुलिस और मीडिया के बीच बेहतर संवाद एवं समन्वय स्थापित करने के लिए सकारात्मक भूमिका निभाता रहेगा। एसोसिएशन का प्रयास रहेगा कि किसी भी परिस्थिति में संवाद का रास्ता बंद न हो और आपसी मतभेदों को बातचीत के माध्यम से सुलझाया जाए।
इस पूरे प्रकरण के समाधान के बाद पत्रकारिता जगत और पुलिस विभाग के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने की उम्मीद जगी है। संगठन ने इसे आपसी विश्वास, संवाद और समन्वय की जीत बताते हुए भविष्य में भी इसी भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।