सबकी खबर , पैनी नज़र

June 10, 2026 10:16 am

सबकी खबर, पैनी नज़र

सबकी खबर, पैनी नज़र

June 10, 2026 10:16 am

तेरी ख़ुशबू शर्मा शिव सुरेंद्र

तुझे पहचान लेता हूँ
मैं ख़ुशबू से तेरी
इंतज़ार है मुझे आज भी
तू होगी जब बाहों में मेरी

देखता हूँ जब भी
मैं आँखों में तेरी
खो जाता हूँ इन
झीलों में तेरी

तैरना मुझे आता नहीं
ये कमी है मेरी
डूबकर भी जी रहा हूँ
क़िस्मत है मेरी

देकर अपना हाथ मेरे हाथों में
तू मंज़िल बन जा मेरी
मिलेगा बहुत सुकून मुझको
तू मोहब्बत बन जा मेरी

खटक रहा हूं जाने कितनो को
जो चाहते हैं नज़दीकी तेरी
तेरी नज़रें जो मेहरबान है मुझपर
लगता है उनको तू है मेरी

उनके वहम को बदल यक़ीन में
अब तू हो जा मेरी
बहुत हो गई अब दूरी तुमसे
बाहों में आ जा मेरी।