सुक्खू सरकार में बेटियां असुरक्षित, अपराधियों के हौसले बुलंद – कानून व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल*
सरकाघाट में 19 वर्षीय कॉलेज छात्रा की दिन-दहाड़े हुई निर्मम हत्या ने पूरे हिमाचल प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना केवल एक मासूम बेटी की हत्या नहीं, बल्कि प्रदेश की चरमराई हुई कानून व्यवस्था और प्रशासनिक विफलता का स्पष्ट प्रमाण है। दिन के उजाले में इस तरह की वारदात होना यह दर्शाता है कि अपराधियों में कानून का कोई भय शेष नहीं रह गया है और प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह कमजोर पड़ चुकी है।
स्वामी विवेकानंद सेवा ट्रस्ट चिंतपूर्णी के अध्यक्ष गौरव कुमार ने इस जघन्य घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सुखविंदर सिंह सुखु के नेतृत्व में प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे शांत और सुरक्षित माने जाने वाले प्रदेश में आज बेटियां भी खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं, जो अत्यंत चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है।
गौरव कुमार ने कहा कि प्रदेश में लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाएं यह साबित करती हैं कि सरकार अपराध पर नियंत्रण पाने में पूरी तरह विफल रही है। हत्या, लूटपाट और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध इस बात का संकेत हैं कि प्रशासनिक तंत्र निष्क्रिय होता जा रहा है और अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं। सरकार केवल बड़े-बड़े दावे और भाषण देने तक सीमित है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि अपराधियों में कानून का जरा भी डर नहीं बचा है, पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं और आम जनता के बीच भय तथा असुरक्षा का माहौल तेजी से फैल रहा है। ऐसी घटनाएं सरकार की प्राथमिकताओं और नीतियों पर भी सवाल खड़े करती हैं।
गौरव कुमार ने सरकार से मांग की कि इस मामले में तुरंत प्रभाव से दोषियों को गिरफ्तार किया जाए और फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी अपराधी इस प्रकार की घटना को अंजाम देने से पहले सौ बार सोचने पर मजबूर हो। साथ ही पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, सुरक्षा और न्याय प्रदान करना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो स्वामी विवेकानंद सेवा ट्रस्ट चिंतपूर्णी के नेतृत्व में आम जनता सड़कों पर उतरकर बड़ा जनआंदोलन करेगी। इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और प्रशासन की होगी।





