सबकी खबर , पैनी नज़र

November 7, 2026 12:08 am

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जिला शिमला के सभी निजी विद्यालयों एवं ECCE केंद्रों का पंजीकरण अनिवार्य

शिमला 06 नवंबर, 2026,जिला शिमला में छह वर्ष से कम आयु के बच्चों को प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (Early Childhood Care and Education-ECCE) प्रदान करने वाले सभी निजी विद्यालयों एवं संबंधित केंद्रों के लिए पंजीकरण करवाना अनिवार्य किया गया है। इनमें प्ले स्कूल, नर्सरी, किंडरगार्टन तथा इस प्रकार की अन्य संस्थाएं शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा केंद्र (पंजीकरण एवं विनियमन) अधिनियम, 2017 तथा इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 17 मार्च, 2026 को अधिसूचित नियमों के तहत यह व्यवस्था लागू की गई है।
निजी विद्यालयों को भी करवाना होगा अलग से पंजीकरण
जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिमला ममता पॉल ने जिला के सभी निजी विद्यालयों के प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों को अपने विद्यालयों में संचालित ECCE केंद्रों का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंजीकरण सुनिश्चित करवाने को कहा है। केवल शिक्षा विभाग अथवा किसी अन्य बोर्ड से विद्यालय की मान्यता प्राप्त होना ECCE अधिनियम के तहत अलग पंजीकरण की आवश्यकता का विकल्प नहीं है। यह प्रावधान अधिनियम में निर्धारित अपवादों के अधीन निजी क्षेत्र में संचालित संबंधित संस्थानों पर लागू होगा।
बच्चों की सुरक्षा एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
इस अधिनियम का उद्देश्य केवल संस्थानों का पंजीकरण करना नहीं, बल्कि छोटे बच्चों को सुरक्षित, अनुकूल, गुणवत्तापूर्ण एवं बाल-केंद्रित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाना है। इसके तहत संस्थानों में बच्चों के लिए उपयुक्त आधारभूत सुविधाएं, प्रशिक्षित स्टाफ, आयु के अनुरूप पाठ्यक्रम, खेल एवं शिक्षण सामग्री, स्वच्छ पेयजल, बच्चों के अनुकूल शौचालय, प्राथमिक उपचार तथा निर्धारित वयस्क-बाल अनुपात जैसे महत्वपूर्ण मानकों का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है।
ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से करवा सकेंगे पंजीकरण
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पंजीकरण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। जिला शिमला के सभी पात्र निजी विद्यालय एवं ECCE केंद्र विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://wcd.hp.gov.in/ पर उपलब्ध HimSeva पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्राप्त होने के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) द्वारा आवेदन पत्र एवं दस्तावेजों की समीक्षा की जाएगी तथा इसे संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) को अग्रेषित किया जाएगा। इसके पश्चात संबंधित CDPO, उपमंडलाधिकारी (SDM) की अध्यक्षता में गठित ECCE समिति के साथ केंद्र अथवा विद्यालय का निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन करेंगे।
प्रत्येक विकासखंड में गठित की गई खंड स्तरीय समितियां
अधिनियम एवं नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा माननीय न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में जिला शिमला के प्रत्येक विकासखंड में खंड स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। उपायुक्त शिमला की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में निर्देश दिए गए हैं कि महिला एवं बाल विकास विभाग को संबंधित केंद्र अथवा विद्यालय से आवेदन प्राप्त होने के उपरांत गठित समिति द्वारा एक माह के भीतर संस्थान का निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन किया जाए। निरीक्षण के दौरान अधिनियम एवं नियमों के तहत निर्धारित आधारभूत सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, आवश्यक मानकों एवं अन्य प्रावधानों के अनुपालन की जांच की जाएगी। इसके उपरांत निरीक्षण रिपोर्ट सक्षम प्राधिकारी को आगामी अनुमोदन के लिए प्रस्तुत की जाएगी।
नए शैक्षणिक सत्र से पहले पूरी करें पंजीकरण प्रक्रिया
जिला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग ने जिला के सभी पात्र निजी विद्यालयों एवं ECCE केंद्रों के संचालकों से आग्रह किया है कि वे पंजीकरण की अनिवार्यता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभागीय ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध दिशा-निर्देशों का अध्ययन करें तथा आवश्यक दस्तावेजों सहित अपना आवेदन समय रहते प्रस्तुत करें। संस्थानों को प्रवेश प्रक्रिया एवं नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ होने से पूर्व पंजीकरण संबंधी सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि अधिनियम एवं नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों के विरुद्ध निर्धारित प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य जिला के प्रत्येक विकासखंड में ECCE प्रणाली को निर्धारित मानकों के अनुरूप विकसित करना तथा प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, संरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा का वातावरण उपलब्ध करवाना है।