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November 7, 2026 12:02 am

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शूलिनी यूनिवर्सिटी फिर बनी एशिया में नंबर 1, प्रति रिसर्च पेपर साइटेशन में हासिल किया पहला स्थान

QS एशिया रैंकिंग 2027 में लगातार तीसरे साल टॉप 200 में शामिल; प्रति फैकल्टी रिसर्च पेपर के मामले में 90 स्थानों का सुधार
सोलन, 6 नवंबर 2026,
QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स: एशिया 2027 के अनुसार, शूलिनी यूनिवर्सिटी लगातार दूसरे वर्ष ‘प्रति शोध-पत्र साइटेशन’ (citations per paper) के मामले में एशिया में संयुक्त रूप से पहले स्थान पर है। यह पैमाना प्रति शोध-पत्र मिलने वाले साइटेशन की औसत संख्या को मापता है, जिससे पता चलता है कि अन्य शोधकर्ता इस यूनिवर्सिटी के काम का कितनी बार हवाला देते हैं।
इस वर्ष शूलिनी यूनिवर्सिटी को एशिया में कुल 177वीं रैंक मिली है। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी ने लगातार तीसरे साल एशिया की टॉप 200 यूनिवर्सिटी में अपनी जगह बनाए रखी है। शोध के क्षेत्र में लगातार बेहतर प्रदर्शन करना यूनिवर्सिटी की एक बड़ी ताकत बनकर उभरा है।
रैंकिंग में एक और बड़ी उपलब्धि ‘प्रति फैकल्टी रिसर्च पेपर’ के मामले में हासिल हुई है। इस श्रेणी में यूनिवर्सिटी ने 90 स्थानों की छलांग लगाई है और 222वें स्थान से आगे बढ़कर 132वें स्थान पर पहुंच गई है। इसका मतलब है कि शिक्षकों और शोधकर्ताओं के शोध कार्यों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह, अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी के मामले में भी यूनिवर्सिटी ने 148वें स्थान से सुधार करते हुए 124वां स्थान हासिल किया है।
इस साल QS एशिया रैंकिंग अब तक की सबसे बड़ी रैंकिंग है, जिसमें 1,700 से अधिक विश्वविद्यालयों को शामिल किया गयाहै। इनमें भारत के 325 विश्वविद्यालय भी शामिल हैं। इस रैंकिंग में 51 भारतीय विश्वविद्यालयों ने अपनी स्थिति में सुधार किया, जबकि 207 की रैंकिंग में गिरावट आई। 32 विश्वविद्यालयों ने अपनी पिछली रैंकिंग बरकरार रखी और 35 विश्वविद्यालय पहली बार इस सूची में शामिल हुए। रैंकिंग तैयार करने के लिए शैक्षणिक प्रतिष्ठा, नियोक्ताओं की राय, शोध कार्यों का प्रभाव, शिक्षकों और विद्यार्थियों का अनुपात तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय की भागीदारी जैसे मानकों को आधार बनाया जाता है।
यूनिवर्सिटी के संस्थापक चांसलर प्रो. पी.के. खोसला ने कहा, “हमारा हमेशा से सपना रहा है कि शूलिनी एक ऐसा विश्वविद्यालय बने जहां पढ़ाई के साथ-साथ शोध और नए विचारों को भी प्राथमिकता मिले। यह देखकर खुशी होती है कि हमारे शोध कार्यों को दुनिया भर में पहचान मिल रही है। यह उपलब्धि वर्षों की मेहनत और विश्वविद्यालय में मजबूत शोध संस्कृति विकसित करने का परिणाम है। मैं इस सफलता के लिए शूलिनी परिवार के सभी सदस्यों को बधाई देता हूं।”प्रो-चांसलर प्रो. विशाल आनंद ने कहा, “यह उपलब्धि पूरे शूलिनी परिवार के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। शोध और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में हमारी प्रगति उत्साहजनक है। हमारा प्रयास है कि विश्वविद्यालय में ऐसा माहौल तैयार किया जाए, जहां नए विचारों को बढ़ावा मिले, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध के अवसर मिलें और विद्यार्थियों व शिक्षकों को वैश्विक अनुभव प्राप्त हो। हमारा उद्देश्य केवल रैंकिंग में बेहतर स्थान हासिल करना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और ऐसे शोध को बढ़ावा देना है, जिससे समाज को लाभ मिल सके।”
वाइस चांसलर प्रो. अतुल खोसला ने कहा, “यह रैंकिंग हमारे शिक्षकों और शोधकर्ताओं के लगातार किए जा रहे प्रयासों की पहचान है। प्रति रिसर्च पेपर साइटेशन में एशिया में संयुक्त रूप से पहला स्थान और प्रति फैकल्टी रिसर्च पेपर में 90 स्थानों का सुधार हमारे लिए बड़ी उपलब्धियां हैं। ये परिणाम बताते हैं कि शूलिनी में शोध की गुणवत्ता और उसका प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। हम आगे भी विभिन्न विषयों में शोध, नए विचारों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को बढ़ावा देते रहेंगे, ताकि वैश्विक चुनौतियों के समाधान में योगदान दे सकें।”