शिमला 06 नवंबर, 2026, अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उपायुक्त ने की समीक्षा बैठक
पीड़ितों को राहत राशि के रूप में 6.87 लाख रुपये वितरित, जिला में 18 मामले दर्ज
उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आज जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के प्रभावी क्रियान्वयन, पीड़ितों को प्रदान की जा रही राहत एवं पुनर्वास सुविधाओं, न्यायालयों में लंबित मामलों तथा पुलिस थानों में दर्ज मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत संबंधित विभागों एवं अधिकारियों की भूमिका, जिम्मेदारियों और पीड़ितों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध करवाने से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। अधिनियम के तहत पीड़ितों को विभिन्न श्रेणियों में न्यूनतम 85 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 8 लाख 25 हजार रुपये तक की राहत राशि प्रदान करने का प्रावधान है।
उपायुक्त ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश किए कि लंबित चल रहे मामलों में किसी भी प्रकार की धारा को शिकायतकर्ता की सूचना के बिना नहीं हटाया जाए। बैठक में ऐसे 7 मामलों पर विस्तृत चर्चा की गई जिनमें अन्वेषण लंबित है।
न्यायालयों में लंबित मामलों की समीक्षा
बैठक में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार जिला शिमला के विभिन्न न्यायालयों में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कुल 49 मामले लंबित हैं। इनमें वर्ष 2018 के 2, वर्ष 2019 का 1, वर्ष 2020 का 1, वर्ष 2022 के 2, वर्ष 2023 के 2, वर्ष 2024 के 15, वर्ष 2025 के 19 तथा वर्ष 2026 के 7 मामले शामिल हैं।
वहीं, रामपुर न्यायालय में इस अधिनियम के तहत 5 मामले लंबित हैं। इसके अतिरिक्त वर्ष 2023 में सत्र न्यायालय शिमला द्वारा 2 मामलों का निपटारा भी किया गया।
पुलिस थानों में 18 मामले दर्ज
बैठक में बताया गया कि 1 जून से 30 सितंबर, 2026 तक जिला शिमला के विभिन्न पुलिस थानों में अधिनियम के तहत कुल 18 मामले पंजीकृत किए गए हैं। इनमें जुलाई माह में 5, अगस्त में 9 तथा सितम्बर माह में 4 मामले दर्ज हुए। इसके अतिरिक्त 31 मामलों जिनमें रद्द रिपोर्ट का अनुमोदन होना था, की भी समीक्षा की गई और एक माह बाद इन मामलों पर पूर्ण ब्यौरे के साथ चर्चा की जाएगी ताकि इन मामलों को रद्द करने या अन्य कार्यवाही अमल में लाने के सन्दर्भ में निर्णय लिया जा सके।
जागरूकता शिविरों के माध्यम से किया जा रहा जागरूक
अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों और नागरिकों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला के विभिन्न तहसीलों में जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। बैठक में प्रस्तुत विवरण के अनुसार रामपुर, कुमारसैन, शिमला ग्रामीण, जुब्बल, रोहड़ू, कोटखाई, ठियोग, चौपाल, ननखड़ी, शिमला शहरी, सुन्नी और चिड़गांव सहित विभिन्न क्षेत्रों में शिविर आयोजित किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त जिला के विभिन्न उपमंडलों में भी सतर्कता एवं जागरूकता से संबंधित बैठकों का आयोजन किया गया है, ताकि अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जा सके।
पीड़ितों को 6.87 लाख रुपये की राहत राशि वितरित
बैठक में पीड़ितों को प्रदान की गई राहत राशि की भी समीक्षा की गई। प्रस्तुत विवरण के अनुसार 1 जून से 30 सितंबर, 2026 तक विभिन्न मामलों में प्रभावित व्यक्तियों को कुल 6,87,280 रुपये की राहत राशि वितरित की गई है। यह सहायता राशि पीड़ितों एवं प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने तथा उन्हें राहत उपलब्ध करवाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मेहर पंवार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ यशपाल रांटा, जिला अटार्नी, जिला कल्याण अधिकारी कपिल देव शर्मा, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।







