सबकी खबर , पैनी नज़र

LIVE TV

सबकी खबर, पैनी नज़र

सबकी खबर, पैनी नज़र

February 9, 2026 7:43 pm

याचिका समिति के समक्ष प्रस्तुत हुई कुल 19 याचिकाओं में से 7 का हुआ निपटारा

शेष मामले अगली बैठक तक लम्बित, विधान सभा अध्यक्ष एवं समिति सभापति कुलदीप सिंह पठानियां की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई बैठक।

शिमला: विधान सभा सचिवालय के मुख्य समिति कक्ष में आज पूर्वाह्न 11:30 बजे याचिका समिति की बैठक  हिमाचल प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष एवं समिति सभापति कुलदीप सिंह पठानियां की अध्यक्षता में आरम्भ हुई तथा करीब 1:20 बजे तक चली। इस बैठक में समिति सदस्य नीरज नैय्यर,  कमलेश ठाकुर तथा अनुराधा राणा भी उपस्थित रहे।  इस अवसर पर विधान सभा सचिव यशपाल शर्मा भी मौजूद थे। पठानियां ने कहा कि आज समिति के समक्ष राजस्व विभाग की 11, वन विभाग की 4 तथा गृह विभाग की एक याचिका प्रस्तुत की गई जिन पर राजस्व, वन एवं गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के0के0पंत का मौखिक साक्ष्य लिया गया। याचिकाओं की सुनवाई के दौरान राजस्व विभाग की 11 में से 5 याचिकाओं का बैठक में ही निपटारा किया गया तथा शेष अभ्यावेदनों को  समिति द्वारा विभागों को कुछ सुझावों के साथ अगली बैठक तक लम्बित रखा है तथा उस पर अधिकारियों को उचित तथा त्वरित निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। वन विभाग की चार में से दो याचिकाओं का निपटारा भी बैठक के दौरान किया गया जिसमें मौखिक साक्ष्य के लिए प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन विभाग संजय सूद बैठक में मौजूद थे।  गृह विभाग  की एक मात्र याचिका जो माननीय उच्च न्यायलय के पास सुनवाई हेतु विचाराधीन है को भी फैसला आने तक लम्बित रखा गया है।
इसके अतिरिक्त आज की बैठक में स्वास्थ्य विभाग की 3 याचिकाएं भी सुनवाई हेतु प्रस्तुत की गई जिस पर स्वास्थ्य सचिव हि0प्र0 सरकार का मौखिक साक्ष्य लिया गया। पहली याचिका की सुनवाई के दौरान समिति स्वास्थ्य सचिव के जवाब की निरन्तरता में मामले को आगामी बैठक तक लम्बित रखते हुए इसे फिर से अगली  बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। समिति ने स्वास्थ्य सचिव को याचिकाओं को गम्भीरता से लेने के निर्देश दिए तथा शेष 2 याचिकाओं की सुनवाई किए बिना ही इन्हें अगली बैठक तक लम्बित रखने का निर्णय लिया तथा आज की बैठक को यहीं स्थगित किया गया।पठानियां ने कहा कि आज की बैठक की 19 याचिकाओं  समेत समिति के समक्ष  अभी तक कुल 97 अभ्यावेदन प्राप्त हुए हैं जिनमें से 39 मामालों का निपटारा किया जा चुका है। पठानियां ने कहा कि सबूतों के अभाव में 2 याचिकाओं को अभ्यर्थियों को वापिस भेज दिया गया है, 4 मामलों में विभागाध्यक्ष ने उचित कार्रवाई करने का समिति को आश्वासन दिया है जबकि 25 मामलों में विभागों से उत्तर अपेक्षित थे जिनमें से 2 उत्तर समिति को प्राप्त हो चुके हैं। आज 7 याचिकाओं के निपटारे के साथ 97 में से 46 मामलों को निपटाया जा चुका है। पठानियां ने कहा कि जिन अभ्यर्थियों को विभागों द्वारा न्याय नहीं मिल रहा है तथा जिनका बेवजह उत्पीड़न किया जा रहा है वह त्वरित तथा मुफ्त, न्याय के लिए समिति के समक्ष अपने अभ्यावेदन भेज सकते हैं ताकि लोगों को शीघ्र न्याय मिल सके।  उन्होने कहा कि समिति के गठन का उद्देश्य आमजन को शीघ्र तथा त्वरित न्याय प्रदान करना है।