सबकी खबर , पैनी नज़र

July 6, 2026 9:19 pm

सबकी खबर, पैनी नज़र

सबकी खबर, पैनी नज़र

July 6, 2026 9:19 pm

पक्की छत सुरेंद्र शर्मा शिव

वो बदले मौसम की तरह
हम बदल नहीं पाए
जो भी आए ज़िंदगी में हमारी
वो हमें समझ नहीं पाए

है ये फ़ितरत इंसान की
हम समझ नहीं पाए
है जब कोई मतलब उसे
तभी आपके पास आए

हम जिसे प्यार समझे
वो उसके दिल में सभी के लिए आए
जिस जिस से भी कोई काम हो
वो बस उसके सामने मुस्कुराए

हंसी तो फँसी, ये सुना था हमने
लेकिन यहां तो वो हंसी से फसाए
पहुंचाकर तुमको इश्क़ की दुनिया में
वो ख़ुद अचानक ग़ायब हो जाए

है जो उसके पास
कोई तो हमें भी वो हुनर सिखाए
इस भंवर से निकलने की
कोई तो हमें आज राह बताए

काश मेरा दिल भी हो जाए पत्थर का
ताकि कोई मेरे दिल से न खेल पाए
बच जाऊँ मौसम के थपेड़ों से मैं भी
अब मुझे भी पक्की छत मिल जाए।