शिमला 18 अक्तूबर, 2026,
आधुनिक हिमाचल प्रदेश के निर्माता थे पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह
वीरभद्र सिंह की राजनीतिक पाठशाला से निकले अनेक विधायक, सांसद और नेत
वीरभद्र सिंह और डॉ. वाई.एस. परमार के योगदान को कभी नहीं भुला सकता हिमाचल प्रदेश
बुशहर स्पोर्ट्स कल्चर एंड एनवायरनमेंट एसोसिएशन की ओर से आयोजित विशेष कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण रविवार को सराहन में किया गया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए जबकि शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह, चेयरमैन पर्यटन विकास निगम आर एस बाली सहित अन्य गणमान्य भी उपस्थित रहे
इस दौरान उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह ने न केवल हिमाचल प्रदेश की राजनीति पर राज किया, बल्कि लगभग पांच दशकों तक प्रदेशवासियों के दिलों में भी अपनी विशेष जगह बनाए रखी। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह एक युगपुरुष, दूरदर्शी राजनेता और आधुनिक हिमाचल प्रदेश के निर्माता थे, जिनका प्रदेश के विकास में योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि वीरभद्र सिंह केवल रामपुर अथवा रोहड़ू के नेता नहीं थे, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश में उनकी समान स्वीकार्यता और लोकप्रियता थी। प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में लोग उनका सम्मान करते थे। चाहे ऊना, कांगड़ा और हमीरपुर हो या कुल्लू, आनी, पांगी, भरमौर तथा लाहौल-स्पीति जैसे दुर्गम क्षेत्र, हर जगह उनका विशेष प्रभाव और लोगों से आत्मीय जुड़ाव था।
उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह का राजनीतिक अनुभव अत्यंत व्यापक था। उन्होंने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और डॉ. मनमोहन सिंह सहित अनेक प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया। उनका राजनीतिक जीवन अनुभव, जनसेवा और विकास के प्रति समर्पण का अद्भुत उदाहरण रहा है।
वीरभद्र सिंह की राजनीतिक पाठशाला से मिली जनसेवा की प्रेरणा
उप मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक जीवन में वीरभद्र सिंह के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्हें उनके मंत्रिमंडल में कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ, जिसे वह अपना सौभाग्य मानते हैं। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने ही उन्हें राजनीति में आगे बढ़ने का मार्ग दिखाया।
उन्होंने कहा, “मैं वीरभद्र सिंह की राजनीतिक पाठशाला का विद्यार्थी रहा हूं। उनकी शिक्षा और मार्गदर्शन का ही परिणाम है कि मैं पिछले 25 वर्षों से लगातार विधायक के रूप में जनता की सेवा कर रहा हूं।”
उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में अनेक विधायकों, सांसदों और नेताओं को तैयार किया। उनके नेतृत्व में राजनीति की बारीकियां सीखने वाले अनेक जनप्रतिनिधियों ने प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मुकेश अग्निहोत्री ने ठाकुर कौल सिंह और ठाकुर रामलाल जैसे वरिष्ठ नेताओं के राजनीतिक योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने लंबे समय तक प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कई विधानसभा चुनाव जीतकर जनता का विश्वास अर्जित किया। उनका राजनीतिक अनुभव नई पीढ़ी के नेताओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
रामपुर और रोहड़ू क्षेत्र के विकास में वीरभद्र सिंह की दूरदर्शिता का अहम योगदान
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रामपुर और रोहड़ू क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व विकास कार्य वीरभद्र सिंह की दूरदर्शी सोच का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब प्रदेश की राजनीति के सभी रास्ते रोहड़ू की ओर जाते थे। वीरभद्र सिंह का राजनीतिक प्रभाव और जनाधार इतना व्यापक था कि प्रदेश की राजनीति में उनकी केंद्रीय भूमिका रही।
उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने रामपुर से विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन इस क्षेत्र के विकास में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में स्थापित जलविद्युत परियोजनाएं, सड़कों का विस्तार तथा आधारभूत ढांचे का विकास उनकी दूरदर्शी सोच का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि आज रामपुर और इसके आसपास के क्षेत्रों में दिखाई देने वाला विकास वीरभद्र सिंह की विकासपरक नीतियों और पहाड़ी क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के संकल्प को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने प्रदेश के दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों के विकास को भी विशेष प्राथमिकता दी। उनकी सोच थी कि विकास का लाभ हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति और प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचे।
डॉ. परमार ने हिमाचल बनाया, वीरभद्र सिंह ने दिया आधुनिक स्वरूप
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में दो महान नेताओं के योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। इनमें हिमाचल निर्माता डॉ. वाई.एस. परमार और आधुनिक हिमाचल के निर्माता वीरभद्र सिंह शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि यदि डॉ. वाई.एस. परमार नहीं होते तो हिमाचल प्रदेश का गठन संभव नहीं हो पाता और यदि वीरभद्र सिंह नहीं होते तो आज हिमाचल प्रदेश का जो विकसित और आधुनिक स्वरूप दिखाई देता है, उसकी कल्पना करना कठिन होता।
उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गरीब और जरूरतमंद की सेवा हमेशा रही सर्वोच्च प्राथमिकता
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरभद्र सिंह राजनीति के कुशल रणनीतिकार होने के साथ-साथ संवेदनशील जन नेता भी थे। उन्होंने लगभग पांच दशकों तक प्रदेश की राजनीति को दिशा दी, लेकिन उनके राजनीतिक जीवन का मूल उद्देश्य गरीब, कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की सेवा करना रहा।
उन्होंने कहा कि गरीबों का कल्याण और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना वीरभद्र सिंह के एजेंडे में हमेशा सर्वोपरि रहा। यही कारण है कि आज भी प्रदेश के लाखों लोग उन्हें आदर और सम्मान के साथ याद करते हैं।
वीरभद्र सिंह की विरासत को संजोने के लिए प्रतिबद्ध प्रदेश सरकार
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के योगदान और उनकी महान विरासत का पूरा सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित कर उन्हें सम्मान दिया है।
उन्होंने कहा कि रिज मैदान पर देश और प्रदेश की महान विभूतियों की प्रतिमाएं स्थापित हैं और वीरभद्र सिंह का स्थान भी उन्हीं महान व्यक्तित्वों के बीच है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में वीरभद्र सिंह की आदमकद प्रतिमाओं की स्थापना उनके प्रति जनता के अटूट सम्मान और स्नेह का प्रतीक है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरभद्र सिंह ऐसे जन नेता थे जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। वह हिमाचल प्रदेश के इतिहास और प्रदेशवासियों के दिलों में सदैव जीवित रहेंगे।
उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार वीरभद्र सिंह के दिखाए मार्ग पर आगे बढ़ते हुए हिमाचल प्रदेश के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उनके आदर्श, विचार और दूरदर्शी सोच आने वाली पीढ़ियों को भी जनसेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।








