सबकी खबर , पैनी नज़र

July 6, 2026 9:45 pm

सबकी खबर, पैनी नज़र

सबकी खबर, पैनी नज़र

July 6, 2026 9:45 pm

सीबीएसई विद्यालयों में नियुक्ति प्रक्रिया से खिलवाड़ बंद करे सरकार : एबीवीपी

सीबीएसई विद्यालयों में मेरिट आधारित नियुक्तियाँ सुनिश्चित करे प्रदेश सरकार : नैंसी अटल सीबीएसई विद्यालयों में नियुक्तियों में देरी और अस्पष्टता चिंताजनक : नैंसी अटल 06-07-2026 अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश की प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने बयान जारी करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा 154 सीबीएसई विद्यालयों की स्थापना का उद्देश्य सरकारी … Read more

सीबीएसई विद्यालयों में मेरिट आधारित नियुक्तियाँ सुनिश्चित करे प्रदेश सरकार : नैंसी अटल

सीबीएसई विद्यालयों में नियुक्तियों में देरी और अस्पष्टता चिंताजनक : नैंसी अटल

06-07-2026

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश की प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने बयान जारी करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा 154 सीबीएसई विद्यालयों की स्थापना का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा उपलब्ध करवाना था, किन्तु वर्तमान परिस्थितियाँ इस उद्देश्य के विपरीत दिखाई दे रही हैं।

प्रदेश सरकार ने सीबीएसई विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए कार्यरत शिक्षकों से लिखित परीक्षा आयोजित करवाई, परिणाम घोषित किए तथा मेरिट सूची भी जारी कर दी। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अब मेरिट एवं शिक्षकों की वरीयता के आधार पर काउंसलिंग कर नियुक्तियाँ की जानी थीं। यही व्यवस्था संबंधित अधिसूचना में भी वर्णित है। इसके बावजूद सरकार द्वारा प्रक्रिया में बदलाव के संकेत दिए जा रहे हैं, जिससे योग्य एवं परिश्रमी शिक्षकों में असमंजस और रोष व्याप्त है।

विद्यार्थी परिषद का मानना है कि यदि मेरिट को दरकिनार कर किसी अन्य आधार पर नियुक्तियाँ की जाती हैं, तो यह पारदर्शिता, निष्पक्षता और प्रतिभा का खुला अपमान होगा। दूसरी ओर, अनेक अभिभावकों की शिकायत है कि कई सीबीएसई विद्यालयों में अभी तक पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं तथा विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक संसाधन भी समय पर नहीं मिल पाए हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रदेश सरकार से आग्रह करती है कि किसी भी प्रकार के राजनीतिक या व्यक्तिगत हस्तक्षेप से ऊपर उठकर शीघ्र मेरिट आधारित काउंसलिंग आयोजित कर योग्य शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। विद्यार्थियों का भविष्य किसी भी प्रकार की प्रशासनिक देरी या पक्षपात का शिकार नहीं होना चाहिए। यदि सरकार अपने ही निर्धारित मानकों से पीछे हटती है, तो यह योग्य शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के विश्वास के साथ अन्याय होगा। विद्यार्थी परिषद इस विषय पर विद्यार्थियों के हित में निरंतर आवाज़ उठाती रहेगी।